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Adani Group का बड़ा ऐलान – Green Energy में 100 अरब डॉलर का निवेश

Adani Group:अडानी समूह अगले 10 वर्षों में ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है। इस लेख में जानें कैसे यह निवेश भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदल सकता है।

Adani Group का बड़ा ऐलान

अडानी समूह, एक प्रमुख भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी, ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भारी निवेश कर रहा है। समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने हाल ही में घोषणा की है कि अगले 10 वर्षों में कंपनी इस क्षेत्र में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8,340 करोड़ रुपये) से अधिक का निवेश करेगी। यह निवेश सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए होगा। इस लेख में हम अडानी समूह के इस महत्त्वाकांक्षी योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

अडानी समूह की नई पहल

अडानी समूह ग्रीन एनर्जी में अपने निवेश के माध्यम से भारत के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। गौतम अडानी ने हाल ही में क्रिसिल के ‘इंफ्रास्ट्रक्चर – भारत के भविष्य के लिए उत्प्रेरक’ कार्यक्रम में इस महत्त्वपूर्ण योजना की घोषणा की।

ऊर्जा ट्रांसमिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अवसर

गौतम अडानी के अनुसार ऊर्जा परिवर्तन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में खरबों डॉलर के अवसर हैं जो भारत को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बदल सकते हैं। अगले दशक में अडानी समूह 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा और अपनी इंटीग्रेटेड रिनेवेबल एनर्जी सीरीज को और विस्तार देगा।

सौर पार्क और पवन फार्म का निर्माण

अडानी समूह सौर पार्क और पवन फार्म के निर्माण के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, पवन ऊर्जा टर्बाइन और सौर पैनल मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रमुख सुविधाओं का निर्माण कर रहा है। यह परियोजना खासकर कच्छ जिले के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े एकल-स्थल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क के रूप में बनाई जा रही है।

ग्रीन हाइड्रोजन: ऊर्जा का भविष्य

ग्रीन हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से हाइड्रोजन को अलग कर बनाया जाता है। इसे उद्योग के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र को कॉर्बन-मुक्त करने के लिए एक संभावित उपाय के रूप में देखा जा रहा है। अडानी समूह इस क्षेत्र में भी निवेश कर रहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बना रहे।

भारत का लक्ष्य: 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के वार्षिक निवेश की आवश्यकता होगी। अडानी समूह के इस निवेश से न केवल ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि सौर और पवन ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ईवी चार्जिंग स्टेशन और एनर्जी ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास जैसे क्षेत्रों में लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे।

भारत के बुनियादी ढांचे में बदलाव

गौतम अडानी ने क्रिसिल के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का बुनियादी ढांचा उद्योग एक आश्चर्यजनक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव को पूरी तरह से तब समझा जाएगा जब हम एक दशक पीछे देखेंगे। अडानी समूह का यह निवेश भारत के कई दशकों के विकास की नींव रखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. अडानी समूह कितने धन का निवेश करेगा ?

अडानी समूह अगले 10 वर्षों में ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा।

2. ग्रीन हाइड्रोजन क्या है और इसका महत्व क्या है?

ग्रीन हाइड्रोजन स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से हाइड्रोजन को अलग कर बनाया जाता है। यह उद्योग और परिवहन क्षेत्र को कॉर्बन-मुक्त करने का एक संभावित उपाय है।

3. अडानी समूह किस प्रकार की परियोजनाएं शुरू करेगा?

अडानी समूह सौर पार्क, पवन फार्म, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, पवन ऊर्जा टर्बाइन और सौर पैनल मैन्युफैक्चरिंग जैसी परियोजनाओं पर काम करेगा।

4. भारत का अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य क्या है?

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

5. इस निवेश से क्या लाभ होंगे?

इस निवेश से भारत में ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी और लाखों नए रोजगार उत्पन्न होंगे।

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